जानिए कनिष्क का इतिहास

कनिष्क का इतिहास जीवनी : कनिष्क प्रथम को इतिहास में इनकी विजय, धार्मिक प्रवृत्ति, साहित्य तथा कला का प्रेमी के…

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महाभारत का अंतिम अध्याय: पांडवों के हस्तिनापुर त्याग और राजा परीक्षित के राज्याभिषेक के बाद की संपूर्ण गाथा

महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र के मैदान में १८ दिनों में समाप्त हो गया था, लेकिन उस महाविनाश के बाद जो…

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कैप्टन विक्रम बत्रा – परमवीर चक्र

कैप्टन विक्रम बत्रा परमवीर चक्र से सम्मानित भारत के सैनिक थे। इन्हें यह सम्मान सन् 1999 में मरणोपरांत मिला। कैप्‍टन…

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काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग: इतिहास, आस्था और आधुनिक काशी का बदलता स्वरूप

प्रस्तावना भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना में काशी का स्थान अद्वितीय है। गंगा के पवित्र तट पर बसी यह नगरी केवल एक प्राचीन शहर नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की…

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गोरखनाथ मठ: इतिहास, नाथ सम्प्रदाय और वर्तमान स्वरूप

गोरखनाथ मठ (Gorakhnath Math) भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली धार्मिक व सामाजिक पीठों में से एक है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में स्थित यह मठ नाथ सम्प्रदाय (Nath…

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राष्ट्र-चिंतक और संगठन शिल्पी: माधव सदाशिव गोलवलकर ‘गुरुजी’ का जीवन दर्शन और योगदान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को एक स्थानीय संगठन से निकालकर भारत के कोने-कोने में विस्तारित करने और उसके विचारात्मक धरातल को सुदृढ़ आधार प्रदान करने का श्रेय माधव सदाशिवराव गोलवलकर…

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मराठा साम्राज्य के महान पुनरुद्धारक: महादजी शिंदे का जीवन, शौर्य और गौरवशाली इतिहास

अठारहवीं शताब्दी का भारत राजनीतिक उथल-पुथल, बिखरते साम्राज्यों और महत्वाकांक्षी शक्तियों के उदय का साक्षी रहा है। इस दौर में जहां एक ओर मुग़ल साम्राज्य अपनी अंतिम सांसें गिन रहा…

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जय बाबा केदार: केदारनाथ ज्योतिर्लिंग का पौराणिक इतिहास और आज का आधुनिक स्वरूप

हिमालय की तुंग गगनचुंबी चोटियों के मध्य, मंदाकिनी नदी के पावन तट पर स्थित श्री केदारनाथ ज्योतिर्लिंग सनातन धर्म के सबसे पवित्र और प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है।…

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पुष्यमित्र शुंग: मौर्य साम्राज्य का अंत और शुंग वंश का उदय

पुष्यमित्र शुंग प्राचीन भारत के एक अत्यंत महत्वपूर्ण और शक्तिशाली सम्राट थे, जिन्होंने मौर्य वंश के अंतिम शासक की हत्या कर शुंग राजवंश की स्थापना की। उन्हें भारतीय इतिहास में…

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विजय नगर हिन्दू साम्राज्य का अंत कैसे हुआ

आसमा इतनी बुलंदी पे इतराता है भूल जाता है की जमी से ही नजर आता है वसीम बरेलवी का ये शेर विजय नगर साम्राज्य पे एक दम सटीक बैठता है।…

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जब कश्मीर में घडिया आधा घंटा पीछे चलने लगी – कहानी कश्मीरी पंडितो की

बहुत बड़े धोखे का दिन है १९ जनवरी. उन तमाम लाचारियों ,मजबूरियों और न भुलाने वाले दर्द का दिन, जब हमारे अपने लोग यानि कश्मीरी पंडितो अपने घरों से भाग…

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एक नेता जो पैदल चलते हुए मुख्यमंत्री बना – शिवराज सिंह चौहान 

साल २०१४ – राष्ट्रीय सवयम सेवक संघ १९२५ से जिस काम में लगा हुआ था वो नरेंद्र मोदी के प्रधान मंत्री बनने के बाद उसका एक पड़ाव पूरा हुआ। लेकिन…

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कहानी गिलगित बाल्टिस्तान के विवाद की – सुशिल रावल

१८३९ में महाराज रंजीत सिंह दुनिया से रूक्षत हुए और उत्तर पछिम भारत में सीखो का साम्राज्य सिकुड़ता चला गया । १८४५ में पहला एंग्लो-सिख युद्ध हुआ और अंग्रेज जित…

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