योगी आदित्यनाथ

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इनका जन्म 5 जून 1972 को पिचूर गाँव, यमकेश्वर तहसील पौढी गडवाल उत्तराखंड में एक राजपूत परिवार में हुवा था। इनके पिता का नाम आनंद सिंह बिष्ट और माता का नाम सावित्री देवी है। योगी जी ने सन 1977 में टिहरी गडवाल के गजा के स्कूल से अपनी शिक्षा की सुरुआत की। सन 1989 को इन्होने ऋषिकेश के भरत मन्दिर इन्टर कॉलेज से 12th पास करी और सन 1992 में हेमवती नन्दन बहुगुणा गडवाल विश्वविद्यालय से इन्होने गणित में B.Sc की और इसी कॉलेज से M.Sc भी की।

सन 1993 में योगी जी गोरखपुर आए और यहाँ उनकी मुलाक़ात गोरखनाथ मन्दिर के महंत अवैधनाथ जी हुई। महंत अवैधनाथ जी इनके जानकार थे। योगी जी ने अवैधनाथ जी से दिक्षा ले ली और सन 1994 सन्यासी बन गए जिसके चलते इनका नाम अजय सिंह बिष्ट से बदलकर योगी आदित्यनाथ रख दिया गया। महंत अवैधनाथ जी की म्रत्यु के बाद योगी जी को गोरखनाथ मन्दिर का महंत बना दिया गया।

सन 1998 में योगी जी ने गोरखपूर लोकसभा सीट से पहली बार भारतीय जनता पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ा और वो जीत गए। 12वीं लोकसभा चुनाव में वो सबसे कम उम्र के सांसद थे उस समय उनकी उम्र केवल 26 वर्ष की थी। 1999 के लोकसभा चुनावों में वो दोबारा सांसद चुने गए। उसके बाद वो सन 2004, 2009 और 2014 के लोक्सभा में चुनाव जीतकर गोरखपूर से सांसद चुने गए। योगी जी गोरख़पूर लोकसभा सीट से लगातार 5 बार सांसद चुने गए है।

शिक्षा :

योगी आदित्यनाथ जी की प्राथमिक शिक्षा गजा गाँव के स्कूल से हुई और दसवीं कक्षा भी इन्हों ने यही से की । इसके बाद सन 1989 मे बारवी कक्षा ऋषिकेश के भरत इंटर मंदिर कॉलेज से की । योगी जी ने गढ़वाल एच.एन.बी विश्वविद्यालय से science मे स्नातक की है । योगी जी जब स्नातक कर रहे थे वे तभी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े । योगी जी ने हिंदू युवाओं को साथ लाकर एक हिंदू संगठन का भी निर्माण किया है यह संगठन किसी न किसी विवाद मे उलझा रहा है । Police ने इस संगठन पर मऊ मे हुअ दगो का आरोप लगाया ये दंगे मुक्तार अंसारी नाम के विधायक के खिलाफ थे जिन्होने B.J.P के एक विधायक की हत्या कर दी थी ।

योगी आदित्यनाथ के पिता जी का नाम आनंद सिंघ बिष्ट था योगी जी के पिता जी एक फोरेस्ट रेंजर और गोरखनाथ मंदिर के महंत थे अपने पिता जी की मृत्यु के बाद अब योगी जी स्वम इस मंदिर के महंत है । योगी आदित्यनाथ जी की माता जी का नाम सावित्री देवी था । योगी जी अपने माता -पिता की पाँचवी औलाद है । योगी जी की तीन बड़ी बहने एक बड़े भाई और दो छोटे भाई है ।

योगी आदित्यनाथ का राजनैतिक जीवन :

योगी आदित्यनाथ 1998 से लगातार गोरखपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. योगी यूपी बीजेपी के बड़े चेहरे माने जाते है. योगी आदित्यनाथ 2014 में पांचवी बार लोकसभा सांसद बने. योगी के गुरु अवैद्यनाथ ने सन 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया. यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई. 1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, वो 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने.

हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक – योगी आदित्यनाथ :

योगी आदित्यनाथ हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, हिंदू युवा वाहिनी संगठन हिन्दू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है. ये संगठन हमेशा किसी न किसी विवाद में उलझा रहा. इस संगठन पर 2005 में मऊ में हुए दंगे का आरोप भी लगा था. यह दंगा भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक कृष्णानंदा राय की हत्या के आरोपी मुख़्तार अंसारी को लेकर हुआ था.

कट्टर हिंदूवादी छवि :

कट्टर हिंदूवादी और नाथ सम्प्रदाय के प्रमुख भाजपा से पांच बार सांसद रहे योगी से महंथ बने आदित्यनाथ को अंततः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए विधायक दल का नेता चुन लिया गया। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे नाथ सम्प्रदाय के महंथ अबैद्य नाथ ने योगी को न सिर्फ दीक्षा देकर गोरखनाथ मंदिर का उत्तराधिकारी बनाया बल्कि अपने ही नेतृत्व में देश की सबसे बड़ी पंचायत में वर्ष 1998 में सांसद बनवाने का काम किया। वर्ष 2007 के गोरखपुर में हुए दंगों में योगी का नाम भी आया और उन्हें मुलायम सरकार में गिरफ्तार भी किया गया।

छुआछूत और हिन्दू जातियों को एकता के सूत्र में पिरोने में माहिर योगी के गुरु अवैद्यनाथ की वर्ष 2015 में मौत के बाद योगी आदित्य नाथ महंत आदित्यनाथ बन गए।

ऐसे बढ़ा योगी का कद :

अब तक योगी आदित्यनाथ की हैसियत ऐसी बन गई कि जहां वो खड़े होते, सभा शुरू हो जाती, वो जो बोल देते हैं, उनके समर्थकों के लिए वो कानून हो जाता है यही नहीं, होली और दीपावली जैसे त्योहार कब मनाया जाए, इसके लिए भी योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर से ऐलान करते हैं, इसलिए गोरखपुर में हिंदुओं के त्योहार एक दिन बाद मनाए जाते हैं। गोरखपुर और आसपास के इलाके में योगी आदित्यनाथ और उनकी हिंदू युवा वाहिनी की तूती बोलती है। बीजेपी में भी उनकी जबरदस्त धाक है। इसका प्रमाण यह है कि पिछले लोकसभा चुनावों में प्रचार के लिए योगी आदित्यनाथ को बीजेपी ने हेलीकॉप्टर मुहैया करवाया था।

विवाद :

7 सितम्बर 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था। इस हमले में वे बाल-बाल बच गये। यह हमला इतना बड़ा था की सौ से अधिक वाहनों को हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को लहुलुहान कर दिया। आदित्यनाथ गोरखपुर दंगों के दौरान तब गिरफ्तार किया गया जब मुस्लिम त्यौहार मोहर्रम के दौरान फायरिंग में एक हिन्दू युवा की जान चली गयी। जिलाधिकारी ने बताया की वह बुरी तरह जख्मी है। तब अधिकारियों ने योगी को उस जगह जाने से मना कर दिया परन्तु आदित्यनाथ उस जगह पर जाने को अड़ गए।

तब उन्होंने शहर में लगे कर्फ्यू को हटाने की मांग की। अगले दिन उन्होंने शहर के मध्य श्रद्धान्जली सभा का आयोजन करने की घोषणा की लेकिन जिलाधिकारी ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया। आदित्यनाथ ने भी इसकी चिंता नहीं की और हजारों समर्थकों के साथ अपनी गिरफ़्तारी दी। आदित्यनाथ को सीआरपीसी की धारा 151A, 146, 147, 279, 506 के तहत जेल भेज दिया गया। उन पर कार्यवाही का असर हुआ कि मुंबई-गोरखपुर गोदान एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे फूंक दिए गए, जिसका आरोप उनके संगठन हिन्दू युवा वाहिनी पर लगा।

यह दंगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के छह जिलों और तीन मंडलों में भी फ़ैल गए। उनकी गिरफ़्तारी के अगले दिन जिलाधिकारी हरि ओम और पुलिस प्रमुख राजा श्रीवास्तव का तबादला हो गया। कथित रूप से आदित्यनाथ के ही दबाव के कारण मुलायम सिंह यादव की उत्तर प्रदेश सरकार को यह कार्यवाही करनी पड़ी।

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